
सांगला (किन्नौर)। जिले में नेशनल हाईवे-22 को जल्द बहाल करना बीआरओ के लिए आसान नहीं है। जिला प्रशासन सड़क बहाल करने के लिए बीआरओ को डीजल तक मुहैया नहीं करवा पा रहा है। हालांकि बीआरओ ने हेलीकॉप्टर के माध्यम से डीजल लाने की बात कही, लेकिन वहां भी बात नहीं बन सकी। बीआरओ के अधिकारियों का कहना है कि सड़कों को तो जल्द बहाल कर दिया जाएगा, लेकिन जब तक डीजल नहीं मिलता, कुछ नहीं हो पाएगा।
उल्लेखनीय है कि बीआरओ ने वांगतू से पोवारी तक एनएच बहाल कर दिया है। इससे आगे खाब तक करीब 65 किमी सड़क को बहाल करना बाकी है। इस पर काम चल रहा है। बीआरओ ने पागलनाला और टापरी के बीच सात स्थानों, रल्ली के पास डेढ़ सौ मीटर और लाल ढांक और पोवारी के पास अवरुद्ध एनएच को एक सप्ताह के भीतर बहाल कर दिया है।
सीमा सड़क संगठन के ओसी एचआर वनराज का कहना है कि जिला प्रशासन 500 लीटर डीजल तक मुहैया करवाने में असफल रहा है, जबकि पूह के लिए 2500 लीटर और जंगी के लिए भी 2500 लीटर डीजल की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इस बारे में प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन को मांग भेजी गई है, लेकिन अभी तक डीजल नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि आकपा से काजा की ओर सड़क मार्ग बहाल करने के लिए बीआरओ की 20 मशीनों सहित करीब 500 लोग काम पर लगे हुए है, जबकि पोवरी से आकपा तक 16 मशीनें और करीब 400 लोग दिन रात काम कर रहे हैं। खाब तक 15 मशीनों सहित करीब 500 मजदूर सीमा सड़क संगठन के 759 कृतिक बल के कमांडर वीके सिंह ने अगुवाई में काम कर रहे हैं।
